Chaupal Jati चौपाल जाती खतवे, शर्मा, मंडल, तांती, तंतवा चौपाल जाती का इतिहास

chaupal Jati Itihas Chaupal Jati Case

चौपाल जाति (Chaupal Jati) को सरकार ने पूर्व से ही अनुसूचित जाति का लाभ दिया है टना हाई कोर्ट केस टाइप L.P APPEAL (LPA), केस नंबर 794, वर्ष 2016 में दर्ज किया गया है कि “चौपाल” वह जाति है जिसके तहत “पान”, “स्ववासी”, “तांती”, “तंतवा” जैसी विभिन्न उपजातियाँ हैं। अस्तित्व में है और राज्य सरकार द्वारा गठित वैधानिक प्रकृति के विशेषज्ञ निकाय ने ऐसा पाया है और इसीलिए “तांती” और तंतवा को ईबीसी की सूची से बाहर करने और उन्हें पटना उच्च न्यायालय की सूची में शामिल करने की सिफारिश की गई थी। 2016 की LPA संख्या 794 दिनांक 23.08.2017 अनुसूचित जाति।

बसाक/बोसाक की कई श्रेणियां हैं। बंगाली क्षेत्र में वे तंतुबाई, कर्मकार, बनिया (बोनिया), बैश्य और चौपाल हैं।

चौपाल जाती-Chaupal Jati

पटना हाईकोर्ट ने अत्यंत पिछड़ी खतवे जाति को अनुसूचित जाति में चौपाल के साथ शामिल किए जाने पर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दायर करने का आदेश दिया। साथ ही आवेदक को सरकार से जवाब मिलने के बाद दो सप्ताह के भीतर जवाब देने का आदेश दिया।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल तथा एस कुमार की खंडपीठ ने अनुसूचित जाति व जनजाति कर्मचारी संगठन के महासचिव देवेंद्र रजक की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई की। आवेदक के वकील दीनू कुमार ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने 16 मई 2014 को अत्यंत पिछड़ी जाति खतवे को अनुसूचित जाति के चौपाल के साथ रखने की अधिसूचना जारी की है। उनका कहना था कि अत्यंत पिछड़ी जाति कमीशन की अनुशंसा पर खतवे को अनुसूचित जाति में शामिल किया गया है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि बगैर राष्ट्रपति की मंजूरी के तथा संसद से पारित किए बिना किसी भी राज्य सरकार को अनुसूचित जाति व जनजाति की सूची में किसी जाति को शामिल करने का अधिकार नहीं है।

इसके बावजूद राज्य सरकार ने अत्यंत पिछड़ी जाति के खतवे को अनुसूचित जाति के चौपाल के साथ शामिल कर लिया। इसका लाभ उठाकर कई उम्मीदवारों ने सरकारी नौकरी भी प्राप्त कर ली है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि आने वाले दिनों में पंचायत चुनावों में भी अत्यंत पिछड़ी जाति के खतवे तथा तांती ततवा के लोग अनुसूचित जाति का लाभ ले चुनाव लड़ेंगे। वहीं, राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने इस मामले में जवाबी हलफनामा दायर करने की मांग कोर्ट से की। कोर्ट ने राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर हलफनामा दायर कर स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दिया।

Bihar List of Scheduled Cast (SC)

  1. Bantar
  2. Bauri
  3. Bhogta
  4. Bhuiya
  5. Bhumij 1***
  6. [6.Chamar, Mochi, Chamar-Rabidas, Chamar Ravidas, Chamar-Rohidas, Charmarkar]
  7. Chaupal
  8. Dabgar
  9. [9. Dhobi, Rajak]
  10. [10. Dom, Dhangad, Bansphor, Dharikar, Dharkar, Domra]
  11. Dusadh, Dhari, Dharhi
  12. Ghasi
  13. Halalkhor
  14. Hari, Mehtar, Bhangi
  15. Kanjar
  16. Kurariar
  17. Lalbegi
  18. Musahar
  19. Nat
  20. [20. Pan, Sawasi, Panr]
  21. Pasi
  22. Rajwar
  23. Turi.

भारत के संविधान के अनुच्छेद 341 के खंड (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राष्ट्रपति, संबंधित राज्यों के राज्यपालों और राजप्रमुखों से परामर्श करने के बाद,
निम्नलिखित आदेश करें (In exercise of the powers conferred by clause (1) of article 341 of the Constitution of India, the President, after consultation with the Governors and Rajpramukhs of the States concerned)

इस आदेश को संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 कहा जा सकता है

इस आदेश के उपबंधों के अधीन रहते हुए, जातियाँ, जातियाँ या जनजातियाँ या उसके भाग, या जातियों के भीतर के समूह या इस आदेश की अनुसूची के 2 [भाग I से 3 [XXV]] में निर्दिष्ट जनजातियां, राज्यों के संबंध में जहाँ तक उनके सदस्य के संबंध में वे भाग क्रमशः संबंधित हैं, उन्हें अनुसूचित जाति माना जाएगा उस अनुसूची के उन हिस्सों में उनके संबंध में निर्दिष्ट इलाकों में निवासी।

  • अनुच्छेद 2 में निहित किसी भी बात के होते हुए भी, कोई भी व्यक्ति जो धर्म को मानता है, उससे भिन्न है
  • हिंदू 5 [, सिख या बौद्ध] धर्म को अनुसूचित जाति का सदस्य माना जाएगा।]
  • 6 [4 इस आदेश में किसी राज्य या किसी जिले या उसके अन्य प्रादेशिक प्रभाग के लिए कोई संदर्भ होगा के 1 दिन पर गठित राज्य, जिला या अन्य क्षेत्रीय प्रभाग के संदर्भ के रूप में माना जाता है

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